Kya sach me mobile ki wajeh se yuvao ke sir pe nikal rahe hai seeng jaane sach hai ya jhut

mobile ki wajeh se seeng

मोबाइल तकनीक ने हमारे जीने के तरीके को बदल दिया है – हम कैसे पढ़ते हैं, काम करते हैं, कम्यूनिकेट करते हैं, शॉपिंग करते है और किसीको डेट करते है। और यह हम पहले से ही जानते हैं। जिस चीज को हमने अभी तक नहीं समझा है, वह है जिस तरह से हमारे सामने ये छोटी सी मशीन हमारे शरीर के कंकाल को बदल रही है! आप सोच रहे होंगे की ये हम आज क्या बात कर रहे है! तो हम आपको बतादे की एक रिसर्च द्वारा ये सामने आया है की मोबाइल को ज़्यादा इस्तमाल करने से युवाओं के सर पे सींग उग रहे है!

ये खबर हमे इंटरनेट के हवाले से मिली है तो हमने सोचा की क्यों न इसकी पड़ताल की जाए और देखा जाए की ये बात सही है भी या ये सिर्फ एक अफवाह है!

क्या कहती है स्टडी

बायोमैकेनिक्स में किए गए नए रिसर्च से पता चलता है कि युवा अपनी खोपड़ी के पिछले भाग में सींग जैसी चीज़ विकसित कर रहे हैं – मोबाइल इस्तमाल करते वक़्त हमारा सिर आगे की ओर झुका रहता है जिसके कारण हड्डी में भी झुकाव आता है, जो सिर के पीछे रीढ़ से मांसपेशियों तक वजन को शिफ्ट कर देती है, जिससे कनेक्टिंग टेंडन और लिगामेंट्स में हड्डी विकसित होती है जो बिलकुल सींग की तरह लगती है। इसी का रिजल्ट है कि युवाओं में हुक या सींग की तरह की हड्डियां बढ़ रही हैं, जो गर्दन के ठीक ऊपर की तरह खोपड़ी से बाहर निकली हुई है।

ऐकडेमिक पेपर्स में, ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में सनशाइन कोस्ट विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं की एक जोड़ी का तर्क है कि युवा वयस्कों में हड्डी के विकास की व्यापकता आधुनिक तकनीक के उपयोग द्वारा लाए गए शरीर मुद्रा को स्थानांतरित करने की ओर इशारा करती है। वे कहते हैं कि स्मार्टफ़ोन और अन्य हैंडहेल्ड डिवाइस मानव रूप का विरोध कर रहे हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को मोबाइल स्क्रीन पर क्या हो रहा है, इस बारे में देखने के लिए अपने सिर को आगे झुकना पड़ता है और उनके सर पर इस हड्डी का विकास होता है।

चलिए ये तो हुई scientific बाते की रिसर्च में क्या सामने आया जो हमे आम तौर पर इंटरनेट पर पढ़ने को मिल रहा है! अब ये जान लेते है की क्या ये बात सच है!

सच और झूट

देखिये ये तो human nature होता है की जो चीज़ हमे दिखाई या पढ़ाई जाती है हम उसे सच मान लेते है! ऐसा ही इंटरनेट के साथ है, अगर आप इंटरनेट पर आँख मूँद के भरोसा करते है, तो आपको भी यही लगा होगा कि सींग आपके फोन की वजह से आपकी खोपड़ी से बाहर निकल रहे हैं। इस खबर ने सोशल मीडिया पर बहुत तहलका मचाया, क्योंकि अध्ययन बताते है कि आज की तकनीक के हमारे जीवन में कितने खतरे है।

 

हालांकि यह सच है कि युवा पीढ़ी में असामान्य हड्डियों का विकास देखा जा सकता है, लेकिन ये कही भी नहीं लिखा है researchers ने की इन सबके पीछे एक मोबाइल फ़ोन का हाथ है! इसलिए हमे मोबाइल को दोष देना छोड़ना होगा।

क्या कहती है असली रिसर्च

पिछले सप्ताह BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार “मानव जीवन कंकाल को कैसे बदल रहा है” शीर्षक से कुछ चीज़े सामने आयी है। BBC ने विस्तृत अध्ययन में बताया कि हमारी जीवनशैली के बदलाव के रूप में हमारी हड्डियां कैसे बदल रही हैं और इसमें खोपड़ी के आधार पर वैज्ञानिक विकास का अध्ययन किया गया है। तो आप साफ़ तोर पर देख सकते है की हमारी जीवन शैली को यहाँ दोष दिया जा रहा है! जिसमे no doubt mobile phones भी शामिल है लेकिन इसके चलते हमारी जीवन शैली में जितने और काम आते है वो सब भी शामिल है!

एक रिसर्च में 18 और 86 की उम्र के बीच के पुरुषों और महिलाओं की 1,200 X-ray की जांच की गई। इसमें डिकेड बाई डिकेड के दृष्टिकोण के साथ उम्र के अनुसार परिणामों को विभाजित किया, और इसके द्वारा पता चला की आज की जीवन शैली में आपका सर कितना आगे रहता है कोई भी कार्य करते वक़्त! जिसे हमे ठीक करने की ज़रूरत है! इसे ठीक करने के लिए हमे ना ही सिर्फ मोबाइल बल्कि अपनी पूरी जीवन शैली को ही बदलना पड़ेगा!

इससे बचने के लिए क्या करे

हम ऐसे संसार में रह रहे है जिसमे रोज़ नयी नयी टेक्नोलॉजी उत्पन्न हो रही है जिससे हमारे शरीर को ज़्यादा से ज़्यादा आराम मिल सके! लेकिन इस आराम के चक्कर में हम ये भूल गए है की हमारी जीवन शैली इसके चक्कर में कितनी बदल गयी है!

 

तो इस पुरे आर्टिकल का यही तर्क है की सर के पीछे सींग जैसी हड्डी तो विकसित हो रही है लेकिन इसका एक मात्र कारण सिर्फ मोबाइल ही नहीं है! तो इससे बचने के लिए आपको अपनी जीवन व्यतीत करने के तरीको में सुधार लाना होगा!

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