Dolly Kitty Aur Woh Chamakte Sitare

dolly kitty aur wo chamakte sitare review in hindi

Dolly Kitty Aur Woh Chamakte Sitare

Platform: Netflix

Cast: Konkna Sen, Bhumi Padnekar, Vikrant Massey 

Director: Alankrita Shrivastava

Ratings: 2.5/5

काफी समय से बॉलीवुड में ऐसी फिल्मे बनायीं जा रही है जिनमे महिलाओं के सशक्तिकरण (Women Empowerment) पर जोर दिया गया है! काफी लोगो को यह मुद्दा पसंद आता है और ऐसी फिल्मो में इसे दर्शाया भी अच्छे से जाता है! कितने ही बड़े बड़े सितारों ने फिल्मो में ऐसे रोल किये है जहां वह महिलाओ के लिए लड़ी है, जिनमे से तापसी पन्नू और कंगना रनौत भी एक है!

 

अभी भी बहुत लोग है जो यह सोचते है की इस मुद्दे पर अभी और बहुत कुछ दिखाया जा सकता है, इसीलिए यह नयी फिल्म जो की नेटफ्लिक्स पर हाल ही में आयी है ‘डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे’ में भी इसी मुद्दे पर दिखाया गया है! इसकी डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव ने इस फिल्म से पहले भी ऐसी फिल्म बनायीं थी जिसका नाम था लिपस्टिक अंडर माय बुर्का! चलिए जानते हैं यह फिल्म आपको देखनी चाहिए या नहीं!

 

इस फिल्म की कहानी की बात अगर की जाए तो इसमें ऐसी दो औरतो की कहानी दर्शायी हुई है जो पेशे से अलग अलग काम करती है लेकिन आपस में रिश्ता उनका बेहेन का है! फिल्म का टाइटल में दोनों बहनो का नाम है- डॉली ( कोंकणा सेन) और किट्टी ( भूमिका पेडनेकर)! फिल्म में दिखाया गया है की डॉली और किट्टी दोनों अपनी ज़िन्दगी को बेहतर करने में लगी रहती है! लेकिन फर्क इतना है की दोनों की ही सोच बहुत अलग है, एक पूरब का सोचती है तो दूसरी पश्चिम का! डॉली एक शादी शुदा महिला है जिसके दो बच्चे है! यह जहा नौकरी करती है, वह इनके स्टाफ में बस 2 लोग दिखाए गए है, जिनको यह रोज़ छाए बनाके पिलाती है और फिर अपना काम शुरू करती है!

 

अगर दूसरी तरफ बात करे किट्टी की, तो वह छोटी बेहेन होने के कारण अपनी जिंदगी के फैसले ठीक से नहीं ले पाती! उसे बस अपनी जिंदगी अच्छे से जीने से मतलब है चाहे इसके लिए वह कितने ही गलत कदम क्यों न उठाले! उसे अपनी ज़िन्दगी में पैसा, शानो शौकत और मज़े चाहिए, चाहे इसके लिए उसे कितनी ही भारी कीमत क्यों न चुकानी पड़ जाए! उसकी ज़िंदगी जहा जा रही है वह उसे वह जाने देती है! कुछ समय पहले डॉली बड़ी बेहेन होने के नाते किट्टी को बिहार से नोएडा अपने घर बुला लेती है ताकि उसकी बेहेन कोई नौकरी कर सके और अपने ही घर में उसके रहने का इंतज़ाम भी कर देती है जहाँ उसे लगता है की उसके जीजा उस पर लाइन मारते है और उसके साथ सेक्स करना चाहते है!

अपनी पुरानी नौकरी छोड़ जो डॉली ने एक जूता फैक्ट्री में लगवाई होती है, किट्टी एक कॉल सेंटर में काम करने लगती है जहां वह ऐसे लोगो से बात करती है जो की अकेले होते है और उन्हें एक लड़की की ज़रूरत होती है जिसके साथ वह बात करके अपना दिल हल्का कर सके, जैसा आपने एक आयुष्मान खुराना की फिल्म में देखा होगा! किट्टी को कॉल सेंटर में काम करके अच्छे पैसे मिलते है और वह अपनी पीजी के दोस्तों के साथ हाई फाई पार्टी में जाना शुरू कर देती हाई! यह सब देख उसकी बेहेन अंदर ही अंदर जलने लगती हैं! डॉली का भी मन करता हैं की वह भी अपनी ज़िन्दगी में खुल के जिये! ऐसा करने के लिए वह एक डिलीवरी बॉय के साथ रिश्ता बनाती हैं जो उससे कई साल छोटा होता हैं!

अब सवाल यह उठता हैं की दोनों ही अपनी ज़िन्दगी को सुधारने के लिए आगे क्या क्या करती हैं और क्या वह दोनों ही अपने मक़सद में कामयाब हो पाती हैं! क्या आगे उनकी ज़िन्दगी में सब कुछ सही होता हैं या वह किसी झमेले में फस जाती हैं! बस इसके आगे हम आपको नहीं बता सकते और इसके लिए आपको खुद यह फिल्म देखनी पड़ेगी! जिसके लिए आपको नेटफ्लिक्स की सब्सक्रिप्शन लेनी पड़ेगी अगर आपने नहीं ली हैं तो!

अब अगर एक्टिंग की बात की जाए तो दो लड़कियों की कहानी में दोनों ने ही अच्छी एक्टिंग की हैं, इन दोनों की ही एक्टिंग में हमे कोई कमी नज़र नहीं आयी! सच कहे तो यह दोनों ही हैं जिनके कंधो पर यह फिल्म टिकी हैं! साथ ही फिल्म में विक्रांत मेसी भी हैं जिन्होंने भूमि के बॉय फ्रेंड की भूमिका निभाई हैं! कोंकणा सेन जिस डिलीवरी बॉय से रिश्ता चलाती हैं वह हैं अनमोल पराशर, जिन्होंने अच्छी एक्टिंग की हैं और उन पर यह रोल सूट भी हुआ हैं!

सच कहे तो फिल्म की कहानी में हमे कोई दम नहीं लगा! इसमें वीमेन एम्पावरमेंट का कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया गया हैं जिसे हाईलाइट किया गया हो! बस कहानी को खींचा गया हैं! फिल्म में गाने भी कुछ ख़ास नहीं हैं, जिसे सुनकर आपको उन्हें बार बार सुनने का मन करे! अगर आपके पास ऐसा समय हैं जिसे आप कोई फिल्म देखकर ही बिताना चाहते हैं तो फिर आप यह फिल्म देख सकते हैं! नहीं तो इस फिल्म से दूर ही रहे!

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