Breathe Into the Shadows Review Abhishek Bachchan Ki Split Personality

Star Cast: Abhishek Bachchan, Amit Sadh, Nithya Menen, Saiyami Kher

Director: Mayank Sharma

Available On: Amazon Prime Video

Language: Hindi

Duration: 40 minutes each/ 12 episodes

Ratings: 3/5

Story

वेब सीरीज़ की कहानी डॉ अविनाश सभरवाल के इर्द गिर्द घूमती है क्युकी उनकी 6 साल की बेटी को एक अनजान आदमी ने अगवा कर लिया होता है जिसने जुर्म करते वक़्त मास्क पहना होता है, उसके बाद वह व्यक्ति फिरौती की मांग रखता है और वह कहता है की अगर उसे पैसे नहीं मिले तो वह बच्ची को मार देगा। इस बीच, अमित सध जिन्होंने इस वेब सीरीज़ में कबीर सावंत का किरदार निभाया है, वह दिल्ली क्राइम ब्रांच के लिए काम करते हैं और बच्ची को बचाने मे लग जाते है।

Review

मयंक शर्मा जो इस शो के निर्देशक है उन्होंने कोशिश की है की वह इस शो की कहानी को ऐसा घुमावदार मोड़ दे जिससे आपका सर चकरा जाए और आप एक दम ब्लेंक रह जाए। Breath: into the shadows एक ऐसा थ्रिलर शो है जिसमे मनोवैज्ञानिक अपराध को दिखाया हुआ है और जहा मनोवैज्ञानिक अपराध दिखाया जाता है वह समझ लीजिये आपको एक रहस्य से भरी दुनिया मिलेगी। ऐसे शो में आखिर तक पुलिस गुथी को सुलझाने में लगी रहती है! यह शो उस कहानी को नहीं दर्शाता की किसी की बेटी को अगवा कर लिया है बल्कि दूसरी तरफ यह दर्शाता है की इसके पीछे सीरियल किलर आखिर है कौन।

अभिषेक बच्चन, जिन्होंने शो में डॉ अविनाश सभरवाल का किरदार निभाया है, यह एक मनोचिकित्सक डॉ हैं, जो गुरुग्राम में अपनी प्रैक्टिस करते है। अपने इस काम में अभिषेक बच्चन पुरे माहिर है इसलिए दिल्ली क्राइम ब्रांच के लिए भी वह काम करते हैं ताकि वह अपराधियों को सही फैसले सुनाकर जेल के पीछे पंहुचा सके। अभिषेक अपनी पत्नी आभा के साथ और एक बच्ची सिया के साथ रहते है जो की 6 साल की है और मधुमेह से ग्रसित है।

 

जब आप यह शो देखना शुरू करेंगे तो शुरुआत में ही पाएंगे की अभिषेक अपनी बच्ची को उसके दोस्त के बर्थडे पार्टी में ले जाते है जहा सिया का अपराह्न होता है। लेकिन सिया का तक़रीबन 9 महीने तक कोई अता पता नहीं चलता है, तब अभिषेक सोचते है की क्या उनकी बेटी अब ज़िंदा भी हो सकती है या नहीं! जबकि दूसरी तरफ सिया की माँ आभा अपनी बेटी की तलाश जारी रखती है।

 

शुरुआत से ही आपको शो का स्क्रीनप्ले बहुत धीमा लगेगा। आप इस शो के निर्माताओं का संघर्ष देख सकते है, जो इन्होने जनता को दिखाने की कोशिश की, शो के पात्रो के द्वारा! कोई भी पात्र अपने भाव ठीक से व्यक्त नहीं कर पाया। अविनाश और आभा, जिनकी बेटी का अपहरण हुआ है, वह दोनों के अंदर ऐसी कोई भी चीज़ नहीं दिखती जिससे यह लगे की वह अपनी बेटी को ढूंढ़ने का संघर्ष कर रहे है। डॉ अविनाश तो इतने शांत स्वभाव के दिखाए है, की उन्हें देखके लगता ही नहीं के वह टेंशन में है और उनकी बेटी का अपहरण हुआ है।

अब अगर हम बात करे अमित सध की तो पुरे शो में इनकी एक्टिंग सबसे अच्छी है! इनकी एंट्री में यह दिखाया गया है की यह जेल में सजा काट रहे होते है और एक दूसरा कैदी इन्हे मारने के लिए आता है और यह अपना बचाव करते हैं! उसके बाद पुलिस इनको सवाल जवाब के लिए बाहर आने का मौका देती है। अमित सध को भी ऐसा करैक्टर नहीं दिया गया जो लम्बा चले और शो में चार चाँद लगा सके!

अगर आपने आर माधवन का ब्रीथ सीज़न 1 किसी वजह से नहीं देखा है तो आपको बतादे की वह सीजन 2 से कही अच्छा सीजन है और अमित सध की एक्टिंग का उसमे भी क्या कहना! सीजन 1 में भी अपने बच्चे को बचाने के लिए आर माधवन परिश्रम करते है और सीजन 2 में ऐसा परिश्रम कही खो सा गया। एक तरफ सैयामी खेर ने एक दिलचस्प किरदार निभाया है जो आखिरी बार नेटफ्लिक्स के शो ‘चोक्ड पैसा बोलता है’ में नज़र आयी थी! इनका रोल भले ही छोटा है, लेकिन फिर भी यह अपने किरदार के द्वारा एक छाप छोड़ती हैं।

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